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Showing posts from February, 2009

Google Friend Connect के फायदे और नुकसान

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पिछली पोस्ट में आपको बताया गया था कि अब ब्लॉगर का Follower फीचर Google Friend Connect से जुड़ गया है और नए रंग में नजर आने लगा है। नया फीचर है तो बहुत सारी नई सुविधाएं भी मिली हैं.. साथ ही कुछ ऐसी बातें भी हैं, जिनकी वजह से इसे बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता।







गूगल फ्रेंड कनेक्ट के फायदे

1. आपके ब्लॉग का पाठक केवल गूगल अकाउंट होल्डर ही नहीं होता। यहां गूगल के अलावा याहू, एआईएम और ओपनआईडी जैसे नेटवर्क के लॉग-इन भी काम करते हैं। पिछले फीचर के लिए केवल गूगल अकाउंट ही मान्य थे।

2. गूगल फ्रेंड कनेक्ट पाठकों को आपके ब्लॉग से ज्यादा गहराई से जुड़ने में सहायता करता है। यहां वे अपने अकाउंट में लॉग-इन करने के बाद आपसे और अपने अन्य ब्लॉग मित्रों से जुड़े रह सकते हैं और अपने ब्लॉग संपर्क बढ़ा सकते हैं।

3. यहां फोलोवर्स के फोटो पर क्लिक करते ही उनका परिचय, उनके ब्लॉग और उनके मित्रों की जानकारी झट से मिल जाती है।

4. अपने सभी फोलोवर्स एक ही विंडो में more ऑप्शन पर क्लिक कर देखे जा सकते हैं। पिछले फीचर में अलग विंडो में जाना पड़ता था।

5. यहां गूगल और ब्लॉगर के अलावा ऑरकुट, फेसबुक, मायस्पेस, ट्विटर और प्लेक्सो

ब्लॉग पर क्यों दिख रहा है Google Friend Connect ?

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अगर आपने अपने ब्लॉगर ब्लॉग पर Follower फीचर लगाया है, तो आज आप एक परिवर्तन महसूस कर रहे होंगे। यहां Followers की सपाट सूची की जगह आपको Google Friend Connect का बक्सा नजर आ रहा होगा। पिछली पोस्ट में बता दिया गया था कि गूगल Friend Connect सेवा को फॉलोवर फीचर के साथ जोड़ने की तैयारी में है। यह काम लगभग पूरा हो चुका है और आज से अधिकांश ब्लॉग इसे दिखाने लगें हैं।



सवाल उठता है कि Google Friend Connect के ब्लॉगर से जुड़ने के क्या फायदे हैं और क्या नुकसान। इसकी पड़ताल करने वाली पोस्ट शाम को प्रकाशित होगी।







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खोए फोलोवर फिर से पाने की जुगत

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अल्पना जी ने एक लिंक भेजकर उस वजह का खुलासा कर दिया है, जिसके कारण सभी ब्लॉग्स पर फोलोवर संख्या कम दिख रही है। इसकी वजह ब्लॉगर प्रशासन की ओर से की गई सैटिंग में एक छोटी सी छेड़छाड़ है। दरअसल ब्लॉगर गूगल फ्रेंड कनेक्ट को ब्लॉगर के साथ जोड़ने की जुगत में है। ऐसे में उसने उन फोलोवर्स को अपनी मर्जी से बेनामी कर दिया है, जो पहले कभी गूगल फ्रेंड कनेक्ट से जुड़ चुके हैं। अगर वे अपने डैशबोर्ड पर जाकर स्टेटस को बेनामी से सार्वजनिक कर दें तो वे फिर से फोलोवर लिस्ट में दिखने लगेंगे।






अब आप यह जांचिए कि क्या आपको भी अपने स्टेटस में बदलाव करने की जरूरत है। इसके लिए सबसे पहले अपना प्रोफाइल पेज देखिए। (डैशबोर्ड पर व्यू प्रोफाइल)

अगर यहां आपको उन ब्लॉग्स की सूची दिख रही है, जिन्हें आपने फॉलो किया है, तब तो आपको किसी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं।

अगर आपको सिर्फ अपने ही ब्लॉग दिख रहे हैं और आपके फोलो किए गए दूसरे ब्लॉग की सूची नहीं दिख रही तो आपको स्टेटस में बदलाव की जरूरत है।

बदलाव कैसे करें-

1. डैशबोर्ड पर जाएं

2. यहां आपको अपने ब्लॉग की सूची के नीचे Reading List मिलेगी। यह वह बक्सा है, जहां आपको फॉलो किए गए…

क्या आपके फोलोवर भी गुम हो गए?

आज सुबह ताऊ का मेल मिला कि उनके ब्लॉग के फोलोवर आधे ही रह गए। उनके बाद रंजू जी और आशुतोष जी ने भी यही शिकायत की। मैंने जब अपना खाता जांचा तो पता चला कि वहां भी सेंधमारी हो चुकी है। कल शाम तक 228 फोलोवर थे जो आज 179 रह गए हैं।




जब इस संबंध में ब्लॉगर के आधिकारिक ब्लॉग Blogger Buzz पर गए तो पता चला कि यह रिडायरेक्ट होकर गूगल के होमपेज पर ही खुल रहा है। माजरा भांपने के लिए ब्लॉगर हेल्प की मदद भी ली, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। मौटे तौर पर लग रहा है कि ऐसा ब्लॉगर सर्वर में किसी तरह की खामी की वजह से हो रहा है। अगर आपके पास इससे जुड़ी कोई सूचना हो तो टिप्पणी के माध्यम से शेयर कर सकते हैं।

अपडेट- थोड़ी पड़ताल करने पर पता चला है कि कुछ प्रोफाइल में उन ब्लॉग्स की सूची ही गायब हो गई है, जो यह बताती है कि आप किन ब्लॉग्स के फोलोवर हैं। मेरा प्रोफाइल भी इनमें शुमार है।


अपडेट-2 वजह पता चल चुकी है और अगर आप फोलोवर्स फीचर को दुरुस्त करना चाहते हैं तो अगली पोस्ट पढ़िए।

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हिन्दी ब्लॉग जगत में भर्तियां.. (व्यंग्य)

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भारतीय चिट्ठा सेवा (हिन्दी विभाग) के लिए विभिन्न पदों पर रिक्तियां निकाली गई हैं। पदनाम, कार्यक्षेत्र, योग्यता, अनुभव और वेतन शृंखला की जानकारी संबंधित पद के साथ दी गई है। अभ्यर्थी एक से ज्यादा पदों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। महिलाओं व विशेष श्रेणी के चिट्ठाकारों को नियमानुसार आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।





1. टिपियण अधिकारी (Comment Officer)

कार्यक्षेत्र- सभी हिन्दी चिट्ठों पर टिप्पणियां पढ़ना, तर्कसंगत टिप्पणियां करना ( एक दिन में कम से कम 100 अपेक्षित)
आयुसीमा-कोई सीमा नहीं (वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयुक्त)
अनुभव- कम से कम पांच चिट्ठों की शीर्ष टिप्पणीकार सूची में शामिल होना अनिवार्य, चिट्ठाकारी में लंबा अनुभव वांछनीय
वेतन-चिट्ठाउद्योग में सर्वाधिक

2. पहेली सहायक (Riddle Assistant)

कार्यक्षेत्र- हिन्दी चिट्ठों पर चल रही विभिन्न पहेलियों के जवाब देना, पहेली के एक नए ब्लॉग निर्माण में सहयोग
आयुसीमा- कोई सीमा नहीं (युवा व ऊर्जावान अपेक्षित)
अनुभव- इंटरनेट पर शोध का लंबा अनुभव, पहेली संचालन के अनुभवी को प्राथमिकता, ताऊ पहेली के विजेताओं को वरीयता
वेतन- चिट्ठाउद्योग में सर्वाधिक

3. प्रविष्ठि सलाहकार …

क्या आप पोस्ट शिड्यूल करते हैं?

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कुछ ब्लॉगर साथी जानना चाहते हैं कि कुछ ब्लॉग्स पर हर पोस्ट निश्चित समय पर कैसे प्रकाशित होती है (मिसाल के तौर पर रामपुरिया का हरियाणवी ताऊनामा और मानसिक हलचल)? प्रकाशन का समय न एक मिनट आगे और न एक मिनट पीछे। ऐसा पोस्ट को शिड्यूल कर किया जा सकता है। शिड्यूल्ड पोस्ट का मतलब है कि पोस्ट भले ही आप कब भी लिखें, उसे मनचाहे समय पर प्रकाशित कर सकते हैं। जानते हैं पोस्ट को शिड्यूल करने का तरीका-

1. पोस्ट लिखने वाला बक्सा (पोस्ट एडिटर) खोल लीजिए और उसमें अपनी पोस्ट लिख लीजिए।

2. नीचे Post Options पर क्लिक कीजिए।

3. दाहिनी ओर आपको Post date and time लिखा दिखाई देगा।

4. इसके नीचे दिए गए बक्सों में आप वह दिनांक और समय भर दीजिए, जब आप अपनी पोस्ट का प्रकाशन चाहते हैं।



5. PUBLISH POST पर क्लिक करते ही आपकी पोस्ट का प्रकाशन उसी वक्त होगा, जो आपने ऊपर तय किया है।

नोट- शिड्यूल्ड पोस्ट का विकल्प अपनाने से पहले अपने ब्लॉग की टाइम सैटिंग भारतीय समय के अनुसार कर लें। इसका तरीका इस पोस्ट में दिया गया है।

शिड्यूल्ड पोस्ट के फायदे-

1. ब्लॉग पर नियमितता आती है।

2. अगर आप छुट्टियां बिता रहे हैं और ब्लॉगिंग से दूर हैं, त…

ट्यूजडे टैंगी हो गया..

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अपुन को तो टैंगी ट्यूजडे का मतलब भी नहीं पता। पर आप सब के सहयोग से हिन्दी ब्लॉग टिप्स का ट्यूजडे टैंगी हो गया। कैसे?? हिन्दी ब्लॉग टिप्स की पिछली पोस्ट पचासों टिप्पणियां पाने के नुस्खे.. को ब्लॉगअड्डा वेबसाइट ने इस हफ्ते की टैंगी ट्यूजडे लिस्ट में शुमार किया है। यह बात और है कि पचासों कमेंट पाने के नुस्खे सिखाने वाली पोस्ट खुद 50 कमेंट हासिल नहीं कर पाई (अभी तक संख्या 48 है)।

अब जरा यह लिंक देखिए- BlogAdda’s Tangy Tuesday Picks - Feb. 17, 09′

यहां हिन्दी ब्लॉग टिप्स की पिछली पोस्ट के बारे में ऐसा कहा गया है-


हिन्दी ब्लॉग टिप्स यह सम्मान पाने वाला हिन्दी लेखन के क्षेत्र में संभवतः पहला ब्लॉग है। यहां हिन्दुस्तान के समूचे ब्लॉग संसार (अंग्रेजी व अन्य भाषाएं) से प्रविष्ठियां चुनी जाती हैं। यह उपलब्धि हिन्दी ब्लॉग टिप्स के सभी पाठकों को सादर समर्पित है।


ब्लॉगअड्डा की ट्विटर अपडेट यहां है









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पचासों टिप्पणियां पाने के नुस्खे.. (व्यंग्य)

किसी साधारण सी पोस्ट पर 50 से ज्यादा टिप्पणियां (असाधारण लेखन वाले वरिष्ठ ब्लॉगर साथियों की बात यहां नहीं की जा रही है)। ऐसा करिश्मा आप भी हिन्दी ब्लॉग जगत में अक्सर देखते ही होंगे। यह कैसे? क्या वे किसी 'टिप्पणी लिक्खाड़' एजेंसी के सदस्य है? क्या वे टिप्पणियों के बदले कोई अनूठी पेशकश करते हैं? फिर ऐसा क्या है जो आम ब्लॉगर टिप्पणियों की संख्या दहाई तक भी नहीं पहुंचा पाता और इन साथियों का 'टिप्पणी मीटर' है कि रुकने का नाम ही नहीं लेता। टिप्पणियां न पाने वाले साथियों का दुखड़ा सुनकर थोड़ी सी पड़ताल की गई है। पड़ताल के रोचक नतीजों को यहां ज्यादा टिप्पणियां पाने के शीर्ष 10 नुस्खों के रूप में प्रकाशित किया जा रहा है।


1. जी भर के टिपियाइए

यह तो आधारभूत नियम है- जैसा करोगे वैसा भरोगे। आप खुद तो टिप्पणियां करते नहीं और चाहते हैं कि दूसरे लोग आपकी पोस्ट पर अपना की-बोर्ड कूटे। ऐसा भी कभी हो सकता है भला। आप ज्यादा टिप्पणियां पाने वाले सभी ब्लॉगर साथियों को देखें। वे दूसरे ब्लॉग्स के शीर्ष टिप्पणीकार सूची में सबसे आगे होंगे। और कुछ नहीं सूझता तो कुछ नमूने की संक्षिप्त टिप्पणियां यह…

मेरे ब्लॉग का दिल धड़कता है !

अपडेट- 1. रंजू जी और ताऊ ने ध्यान दिलाया कि यह दिल इंटरनेट एक्सप्लोरर में तो दिखता है, लेकिन मोजिला फायरफॉक्स और गूगल क्रोम में नहीं। इसलिए इसे देखने के लिए ब्लॉग को इंटरनेट एक्सप्लोरर पर खोलें।

2. वेलेंटाइन डे बीत जाने की वजह से इस दिल का प्रदर्शन इस ब्लॉग पर रोक दिया गया है। परंतु आप चाहें तो नीचे दिए गए बटन से अपने ब्लॉग पर यह दिल लगा सकते हैं।


यकीन नहीं होता.. तो हिन्दी ब्लॉग टिप्स पर आकर कर्सर को देखिए। यहां आपको धड़कता हुआ दिल दिखेगा। यह साबित कर रहा है कि मेरा ब्लॉग पूरी तरह से जवान है और वेलेंटाइन डे सेलिब्रेट करने के लिए भी पूरी तरह तैयार है। आप सभी को प्यार के इस दिवस की शुभकामनाएं। क्या आप भी इस प्यारे से गुलाबी दिल को अपने ब्लॉग पर कर्सर के साथ चिपकाना चाहते हैं?

यह चुटकियों का काम है। आप बस (ब्लॉगर ब्लॉग) नीचे दिए बटन पर क्लिक करें और लॉग इन कर निर्देशों का अनुसरण करते जाएं। आपके ब्लॉग पर भी यह प्यारा सा दिल धड़कने लगेगा।

<style type="text/css">body {cursor: url(http://www.123cursors.com/freecursors/8353.ani); }</style><p align="right">&…

हिन्दी ब्लॉगिंग आपको क्या देती है? (व्यंग्य)

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बहुत से साथी अक्सर सवाल पूछते हैं कि हिन्दी ब्लॉग उन्हें क्या दे सकता है। आत्म-संतुष्टि, समय का बेहतर उपयोग वगैरह.. वगैरह। पर वे इस जवाब से संतुष्ट नहीं होते और तर्क देते हैं कि जब यह पैसा नहीं दे सकता, तो क्यों इसके पीछे दिमाग खपाया जाए। मेरे भोले और बुद्धू साथियो.. क्या पैसा ही सबकुछ है? भई.. पैसे से बड़ा भी तो कुछ होता है.. लाख रुपया खर्च कर भी आपको ये सब चीजें नहीं मिल सकतीं.. आप खुद जानिए ब्लॉग लिखने की दस खास वजहें-

1. फोकट के श्रोता

क्या मजाल है कि आप शौहर, बीवी, प्रेमी, प्रेमिका या दोस्तों के सामने अपने ज्ञान का ढिंढोरा इस तरह पीटें। कोई नहीं सुनेगा जी आपकी। पर ये ब्लॉग संसार है ना.. यहां फोकट के श्रोता हैं.. सुनेंगे ही। या यूं कहें कि सुननी तो पड़ेगी ही। नहीं सुनेंगे तो उनको कौन सुनेगा..

2. फोकट का मनोरंजन

यहां सृजन है तो विध्वंस भी है। बुद्धिमानी है तो बेवकूफी भी है। लेखक हैं तो पाठक भी हैं। और वही पाठक लेखक भी है। यह एक चेन (शृंखला) है, आप अपने जैसे लोगों को आसानी से ढूंढ़ सकते हैं। आप उनके गाल बजाइए.. वो आपके गाल बजाएंगे.. यानी फोकट में विशुद्ध मनोरंजन.. क्या मिल सकता है आपको …

डुप्लीकेट ब्लॉग बनाएं

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सीखिए चुटकियों में अपने ब्लॉग के जैसा ही एक और ब्लॉग (बैकअप) बनाने का तरीका
पिछली पोस्ट में जानकारी दी गई थी कि किस तरह से आप दो या दो से ज्यादा ब्लॉग को एक में समाहित कर सकते हैं। इसी कड़ी में अब जानकारी दी जा रही है कि आप किस तरह से अपने ब्लॉग का डुप्लीकेट ब्लॉग तैयार कर सकते हैं। डुप्लीकेट ब्लॉग मतलब आपके ब्लॉग की प्रविष्ठियों और टिप्पणियों को एक और जगह सहेज कर रखने वाला ब्लॉग। इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को हैं, जिन्हें अपनी प्रकाशित प्रविष्ठियों को अक्सर एडिट करना पड़ता है। उनके लिए यह ब्लॉग किसी भी विषम परिस्थिति में बैकअप का काम कर सकता है। साथ ही जिस ब्लॉग पर एक से ज्यादा लेखक होते हैं, वहां भी आपसी तालमेल के अभाव में किसी प्रकाशित पोस्ट के साथ छेड़छाड़ या उसके डिलीट हो जाने का खतरा होता है। ऐसे में उन्हें भी अपनी सभी पोस्ट और कमेंट्स (पेज एलिमेंट समेत) का बैकअप डुप्लीकेट ब्लॉग के रूप में रखना चाहिए।

जानते हैं इसे बनाने का तरीका-

1. डैशबोर्ड पर जाइए।

2. उस ब्लॉग की सैटिंग्स पर क्लिक कीजिए, जिसका आप डुप्लीकेट ब्लॉग बनाना चाहते हैं।

3. सबसे ऊपर Blog Tools श्रेणी में Export blog प…

ब्लॉग 'आयात' व 'निर्यात' कीजिए

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क्या आप अपने दो या दो से अधिक ब्लॉग्स का विलय कर एक बनाना चाहते हैं? अथवा क्या आप अपने ब्लॉग की चुनिंदा प्रविष्ठियों को टिप्पणियों समेत दूसरे ब्लॉग पर ले जाना चाहते हैं? ब्लॉगर ब्लॉग पर यह चुटकियों का काम है। हिमांशु जी चाहते हैं कि वे अपने ब्लॉग 'नया प्रयत्न' को 'सच्चा शरणम' में समाहित कर दें। उन्हीं के निर्देश पर आज की यह पोस्ट प्रकाशित की जा रही है। आइए जानते हैं ब्लॉग को 'आयात' व 'निर्यात' करने का तरीका-

दो ब्लॉग्स को एक में बदलने का तरीका

1. डैशबोर्ड पर जाइए।

2. उस ब्लॉग की सैटिंग्स पर क्लिक कीजिए, जिसकी प्रविष्ठियों को (टिप्पणियों समेत) आप दूसरे ब्लॉग पर ले जाना चाहते हैं।

3. सबसे ऊपर Blog Tools श्रेणी में Export blog पर क्लिक कीजिए।



4. यहां आपसे Download Blog का ऑप्शन पूछा जाएगा। इस पर क्लिक कर आप अपने ब्लॉग की .xml फाइल को कंप्यूटर की किसी डायरेक्ट्री में सेव कर लीजिए।

5. अब फिर से डैशबोर्ड पर जाकर उस ब्लॉग पर जाइए, जिसमें आप उपरोक्त ब्लॉग की प्रविष्ठियों को दिखाना चाहते हैं।

6. सैटिंग्स पर क्लिक कीजिए, और सबसे ऊपर Blog Tools श्रेणी में Import blog

एक क्लिक पर 'कविता कोश विजेट'

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अगर आप हिन्दी साहित्य और हिन्दी काव्य में जरा भी रुचि रखते हैं तो कविता कोश के बारे में तो जानते ही होंगे। यह साइट हिन्दी काव्य का महासागर है। यहां सभी नामचीन कवियों की रचनाएं पढ़ी जा सकती हैं। ब्लॉगर साथियों के लिए खुशी की बात यह है कि वे अपने ब्लॉग की साइडबार में 'कविता कोश विजेट' बस एक क्लिक पर लगा सकते हैं।
इस विजेट में कविता कोश पर नवीनतम पांच पन्नों की जानकारी तो होती ही है, साथ ही वेबसाइट के प्रमुख लिंक भी मौजूद होते हैं। इसकी मदद से आप अपने ब्लॉग के जरिए ही कविता कोश के हिन्दी काव्य महासागर में डुबकी लगा सकते हैं। देखिए, यह विजेट कैसा दिखता है-



अगर आप इस विजेट को अपने ब्लॉग (केवल ब्लॉगर ब्लॉग) पर लगाना चाहते हैं तो नीचे दिए बटन पर क्लिक कीजिए। उसके बाद साइन-इन कीजिए और ब्लॉग चुनकर विजेट सेव कर दीजिए।

<script src="http://www.kavitakosh.org/kkforweblogs/kkforweblogs.js" type="text/javascript"></script><p align="right"><a style="font-size:80%;" href="http://tips-hindi.blogspot.com/2009/02/kavita-kosh-widget.ht…

कमेंट बॉक्स के ऊपर मनचाहा संदेश

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कई चिट्ठों पर टिप्पणी करते वक्त आपने देखा होगा कि कमेंट बक्से के ठीक ऊपर एक संदेश लिखा होता है, जिसमें ब्लॉग का लेखक अपने पाठकों से मनचाही अपील कर सकता है या उन्हें अग्रिम धन्यवाद ज्ञापित कर सकता है। रवि रतलामी जी और रंजू भाटिया जीजैसे वरिष्ठ आदरणीय ब्लॉगर ऐसे संदेशों का इस्तेमाल करते हैं। आप भी अपने ब्लॉग पर ऐसा संदेश चुटकियों में लगा सकते हैं।



आइए जानते हैं कमेंट बक्से के ऊपर मनचाहा संदेश लगाने का तरीका-

1. अपने ब्लॉग के डैशबोर्ड पर जाइए।

2. Settings पर क्लिक कीजिए।

3. Comments पर क्लिक कीजिए।



4. पेज को थोड़ा स्क्रॉल कीजिए और Comment Form Message के बक्से तक जाइए।

5. इस बक्से में अपना मनचाहा संदेश लिख लीजिए (या पेस्ट कर लीजिए)।



6. परिवर्तन को सेव कर दीजिए।

अब आपके कमेंट बक्से के ऊपर आपका मनचाहा संदेश दिखने लगेगा।

क्या आपको यह लेख पसंद आया? अगर हां, तो ...इस ब्लॉग के प्रशंसक बनिए ना !!

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